LGBT Rights Ban

एलजीबीटी समुदाय (LGBT) के लिए भूटान से एक बेहद खुश करने वाली खबर आई है। यहां की संसद में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में समलैंगिकता को अपराध (Homosexuality Decriminalizes) की श्रेणी से बाहर करने का फैसला लिया गया है।

यह फैसला बीते गुरूवार यानी 10 दिसंबर 2020 को लिया गया है। भूटान में समलैंगिकता को पहले अपराध माना जाता था और दंड संहिता की धारा 213 और 214 के तहत इसके दोषियों को सजा भी दी जाती थी। इस देश में समलैंगिकता को अब तक ‘अप्राकृतिक सेक्स’ (Unnatural Sex) के तहत रखा गया था।

इसमें बदलाव लाने के बारे में सांसद और संयुक्त संसदीय समित के उपाध्यक्ष उज्ञेन वांगडी ने कहा कि, दोनों सदनों के 69 सदस्यों में से कुल 63 लोगों ने इसे अपराध की श्रेणी से बाहर रखने के लिए मत दिया। छह सांसद सदस्य वोटिंग के मौके पर अनुपस्थित रहे। अब समलैंगिकता को अप्राकृतिक सेक्स के दायरे में रखकर विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने अभी तक इस बारे में और कोई टिप्पणी नहीं की है।

बता दें कि समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर रखने के कानून पर अभी तक भूटान के राजा की मुहर लगनी बाकी है। समलैंगिकता तभी कानूनी हो पाएगा जब राजा की सहमति होगी। मानवाधिकार कार्यकर्ता ताशी शेटेन ने इस बारे में कहा कि वह इस खबर के सुनने के बाद से बहुत गदगद है। उन्होंने संसद की इस पहल को एलजीबीटी कम्युनिटी की जीत बताया।

वहीं, एलजीबीटी कम्युनिटी के काम करने वाली संस्था रेनबो भूटान की डायरेक्टर शेटेन ने रॉयटर्स से कहा कि, मैं समझती हूं कि समलैंगिकता को कानूनी बनाने के बारे में विधेयक को मंजूरी मिलना मानवाधिकार की जीत के दिवस के रूप है और यह हर भूटानी नागरिकों की जीत है। मैं समझती हूं कि हरेक व्यक्ति जो भूटान की एलजीबीटी कम्युनिटी के पक्ष में खड़ा रहा, यह उन सबकी जीत है और उन्हें आज के दिन को जश्न के तौर पर मनाना चाहिए।

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