Sanjay Raut

मुंबई, 28 दिसंबर । एक सनसनीखेज खुलासे में शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को दावा किया कि पिछले एक साल से, भारतीय जनता पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उन्हें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को गिराने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

राउत ने कहा, कुछ वरिष्ठ नेता मुझसे मिल कर एमवीए को समर्थन नहीं देने के लिए मुझे समझाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने इस सरकार को गिराने की पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने मुझे राकांपा और शिवसेना के 22 विधायकों की सूची भी दिखाई है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा सकते हैं और उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भाजपा द्वारा सीबीआई या ईडी या किसी अन्य एजेंसी का उपयोग करने, शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए नोटिस भेजने या गिरफ्तारी की धमकी के सभी प्रयास विफल होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का बाल भी बांका नहीं कर सकती।

राउत ने घोषणा की, यह एक राजनीतिक युद्ध है और हम केवल इसे राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।

राउत अपनी पत्नी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

राउत की पत्नी वर्षा राउत को ईडी ने 29 दिसंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। मगर संजय राउत ने नोटिस मिलने से इनकार किया।

राउत ने चेतावनी दी, मेरे साथ पंगा मत लो। मैं स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे का शिव सैनिक हूं। मैं आप सभी को बेनकाब कर दूंगा। मेरे पास 120 भाजपा नेताओं के घोटालों की सूची है। इन सबकी जांच ईडी पांच साल तक करती रहेगी और इन सबको नीरव मोदी और विजय माल्या की तरह विदेशों में शरण लेना पड़ेगा।

शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता ने ईडी पर कुछ भाजपा नेताओं को विभिन्न मामलों से संबंधित संवेदनशील जानकारी लीक करने का भी आरोप लगाया।

राउत ने पूछा, पिछले कुछ महीनों से, 3 भाजपा नेता नियमित रूप से ईडी कार्यालय जाते हैं और दस्तावेज एकत्र करते हैं। मेरे पास इस बात का सबूत है। भाजपा को कैसे पता चलता है कि ईडी क्या जांच कर रही है, क्या वे एक-दूसरे के साथ गठबंधन में हैं? क्या ईडी ने भाजपा कार्यालय में एक डेस्क स्थापित किया है या भाजपा ने ईडी कार्यालय में एक डेस्क बना रखा है?

उन्होंने कहा कि केवल वे लोग जो भाजपा के खिलाफ बोलते हैं या जो महाराष्ट्र में एमवीए सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, उन्हें ईडी नोटिस भेज कर निशाना बनाया जा रहा है। और अब यह उत्पीड़न उनके परिवार के सदस्यों तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा, यह नामर्दानगी है। अगर कोई इस तरह की नामर्दानगी में लिप्त होता है, तो शिवसेना उचित रूप से जवाबी कार्रवाई करेगी। हम आपकी तरह महिलाओं के पीछे नहीं छिपेंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमें सिखाया है कि हम खुलकर लड़ेंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि जिस दिन मैं अपना मुंह खोलूंगा, केंद्र में भाजपा सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शिवसेना एक नोटिस या 100 समन से डरने वाली नहीं है।

इस बीच, मुंबई की मेयर किशोरी पेडणेकर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिवसेना की महिला विंग की कार्यकर्ताओं ने शिवसेना पार्टी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और भाजपा विरोधी नारे लगाए।

शिवसेना कार्यकर्ताओं के एक अन्य समूह ने ईडी कार्यालय के बाहर भाजपा राज्य कार्यालय का बैनर लगा दिया, जिसे बाद में पुलिस ने हटा दिया।

इसके साथ ही, पार्टी के जिला अध्यक्षों ने वर्षा राउत को ईडी के समन से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए सेना भवन में एक बैठक की।

इससे पहले, शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के नेता संजय राउत के समर्थन में उतरे और केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *