Farmers Protest

नई दिल्ली, 10 जून । संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारी किसानों से आत्महत्या जैसा कोई कदम नहीं उठाने की अपील की है। मोर्चा की तरफ से रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है, बल्कि यह अपने आप मे एक समस्या है, इसलिए प्रदर्शनकारी किसान स्वयं के जीवन को खत्म करने जैसा कोई फैसला न लें।

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों के नेताओं की अगुवाई में देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर 2020 से किसानों का आंदोलन चल रहा है। आंदोलनकारी केंद्र सरकार द्वारा लागू तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ किसान प्रतिनिधियों की आठ दौर की वार्ताएं अब तक बेनतीजा रही हैं और नौंवें दौर की वार्ता के लिए 15 जनवरी की तारीख तय हुई है।

इस बीच प्रदर्शनकारी किसान आंदोलन तेज कर सरकार पर दबाव बनाने के लिए 13 जनवरी को लोहड़ी और 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर पूर्व घोषित कार्यक्रम को सफल बनाने की कोशिश में जुटे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, हम देश-दुनिया की जनता से अपील करते है कि 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाया जाए और 14 जनवरी को मकर सक्रांति भी देशभर में पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा जिसमें किसानों के समर्थन में कार्यक्रम किए जाएंगे। 18 जनवरी को महिला किसान दिवस पर देशभर में तहसील, जिला एवं शहर स्तर पर और दिल्ली बोर्डर्स के मोर्चे पर महिलाएं आंदोलन की अगुवाई करेंगी। यह दिन कृषि में महिलाओं के अहम योगदान के सम्मान के रूप मनाया जाएगा। इसके बाद 20 जनवरी को गुरु गोविंद सिंह की के प्रकाश पर्व पर देश-दुनिया में किसानी संघर्ष को कामयाब करने की शपथ ली जाएगी।

बयान में कहा गया कि सयुंक्त किसान मोर्चे के नाम से सोशल मीडिया पर कुछ विवाह निमंत्रण पत्र वायरल हो रहे हैं। किसान संगठन ने कहा कि मीडिया के माध्यम से हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि इस तरह के पत्र सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा प्रसारित नहीं है और हम इस तरह के महिला विरोधी और विभाजनकारी प्रयासों की कड़ी निंदा करते हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने आगे कहा, किसानों का देशव्यापी आंदोलन अब ओर भी मजबूत हो रहा है। ओडिशा के 20 से ज्यादा जिलों में किसानों ने छोटी छोटी बैठकों के माध्यम से किसान आंदोलन को मजबूत करने का फैसला किया है। मुंबई में 16 जनवरी को मुम्बई फॉर फार्मर्स के द्वारा मरीन लाइन्स से आजाद मैदान तक रैली के बाद जनसभा आयोजित की जाएगी।

बयान के अनुसार, नवनिर्माण किसान संगठन द्वारा भुवनेश्वर से दिल्ली बोर्डर्स तक 15 जनवरी से 21 जनवरी तक किसान दिल्ली चलो यात्रा नाम से जागृति यात्रा निकाली जाएगी।

संगठन ने बताया कि राजस्थान में बड़े स्तर पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ समेत कई उत्तरी जिलों में किसानों ने ट्रेक्टर मार्च निकालकर अपना विरोध जताया।

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